धरती माता करे गुहारकर दो मेरा भी उपचारजैसे पहले थी गुलज़ारकर दो वैसी फिर एकबारएकदूजे का ख्याल करें हमक्यों धरा का अपमान करें हमसीमित संसाधन हैं पृथ्वी परक्यों न इनका संवर्धन करें हम।मं शर्मा (रज़ा)
धरती माता करे गुहारकर दो मेरा भी उपचारजैसे पहले थी गुलज़ारकर दो वैसी फिर एकबार
एकदूजे का ख्याल करें हमक्यों धरा का अपमान करें हमसीमित संसाधन हैं पृथ्वी परक्यों न इनका संवर्धन करें हम।
मं शर्मा (रज़ा)