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समयचक्र


आरंभ से अंत तकधरती से अनंत तकसमय का आतंक हैसमय बड़ा बलवंत है

समयचक्र चलता रहेकभी रूके न कभी थकेजीवन आते जाते हैंसमय से जीत न पाते हैं।

मं शर्मा( रज़ा)

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