जीवन है समर सरीखाहार जीत जीवन का हिस्साजो लड़ा कभी हारा नहींहारे वही जो लड़े ही नहींइस हार जीत के झूले मेंजीवन झूला करता हैजीत का अभिमान कैसाक्यों हार का मातम करता है।मं शर्मा( रज़ा)
जीवन है समर सरीखाहार जीत जीवन का हिस्साजो लड़ा कभी हारा नहींहारे वही जो लड़े ही नहीं
इस हार जीत के झूले मेंजीवन झूला करता हैजीत का अभिमान कैसाक्यों हार का मातम करता है।
मं शर्मा( रज़ा)