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शैलजा


किस बात का मान तुझेकिस बात का अभिमान हैबस चाँद है तू इसलिएतुझे इस बात का गुमान है

मैं शैलजा जीवनदायिनीनाम मेरा सरिता हैतू क्या जाने मेरे मिलन कोसागर भी तरसता है ।

मं शर्मा (रज़ा)

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