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सहधर्मिणी


मांग में सिंदूर,माथे परबिंदिया धारिणी हूँनर तुम नारायणमैं नारायणी हूँ

मैं एक नारीतेरी चिर-सहधर्मिणी हूँछाया न समझ मुझेतेरी सहगामिनी हूँ।

मं शर्मा (रज़ा)

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