दूर रहें कि पास होंबस तुम्हारे खास होंबिन कहे ही सब समझेस्वार्थ सिद्धि में न उलझेदुख में धीरज बंधा जाएँसुख में साथ खुश होजाएँऐसे सच्चे मित्र मिल जाएँकिस्मत वाले वो कहलाएँ।मं शर्मा(रज़ा)
दूर रहें कि पास होंबस तुम्हारे खास होंबिन कहे ही सब समझेस्वार्थ सिद्धि में न उलझे
दुख में धीरज बंधा जाएँसुख में साथ खुश होजाएँऐसे सच्चे मित्र मिल जाएँकिस्मत वाले वो कहलाएँ।
मं शर्मा(रज़ा)