सुबह के उजाले सेरात के सन्नाटे तकबहारों के मौसम सेपतझड़ के आने तककौन ढोरहा है जीवनरूखसती होने तक।मं शर्मा (रज़ा)
सुबह के उजाले सेरात के सन्नाटे तकबहारों के मौसम सेपतझड़ के आने तककौन ढोरहा है जीवनरूखसती होने तक।
मं शर्मा (रज़ा)