माँ को अक्सर रोते देखा थादुख संकट की घड़ियों मेंपिता का रूदन सुना न कभीभीष्ण विपदा की घड़ियों मेंह्रदयविहीन नहीं होते पिता भीकठोर होने का दिखावा करते हैंपिताओं की मज़बूती पर ही तोपरिवारों के महल खड़े रहते हैं ।मं शर्मा( रज़ा)
माँ को अक्सर रोते देखा थादुख संकट की घड़ियों मेंपिता का रूदन सुना न कभीभीष्ण विपदा की घड़ियों में
ह्रदयविहीन नहीं होते पिता भीकठोर होने का दिखावा करते हैंपिताओं की मज़बूती पर ही तोपरिवारों के महल खड़े रहते हैं ।
मं शर्मा( रज़ा)