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ऋतुचक्र


बदल रहे हैं ॠतुचक्रप्रकृति भी है डरी डरीधारण कर विकराल रूपगर्मी ने आग लगाई है

किसने छेड़ दिया समरइस जीवन के विध्वंस कालहलहाती धरा के अंतस मेंकिसने अगन सुलगाई है।

मं शर्मा( रज़ा)

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