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रोज़गार


बड़े दिनों तकबेरोज़गार फिरा जोउस दिल कोनया रोज़गार मिला है

ख्यालों में खोने काख्वाब बुनने काउलझनें पालने काकारोबार मिला है ।

मं शर्मा( रज़ा)#स्वरचित

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