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रिश्ता


उससे शायद सहा न जाताकह तो देता गर कह पातामन ही मन कुछ सोच करकहते कहते मैं रूक गयातू तू मैं मैं करने से एकरिश्ता टूटते टूटते बच गया ।

मं शर्मा (रज़ा)

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