उससे शायद सहा न जाताकह तो देता गर कह पातामन ही मन कुछ सोच करकहते कहते मैं रूक गयातू तू मैं मैं करने से एकरिश्ता टूटते टूटते बच गया ।मं शर्मा (रज़ा)
उससे शायद सहा न जाताकह तो देता गर कह पातामन ही मन कुछ सोच करकहते कहते मैं रूक गयातू तू मैं मैं करने से एकरिश्ता टूटते टूटते बच गया ।
मं शर्मा (रज़ा)