खुशियों सांझे की थीमिल कर बाँट लीदुख नितांत निजी थामेरे संग हो लियाशब्दों के अकाल मेंमौन से वार्तालाप मेंतिनका तिनका रोज़ मेंरिक्तता से भर गया।मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित
खुशियों सांझे की थीमिल कर बाँट लीदुख नितांत निजी थामेरे संग हो लिया
शब्दों के अकाल मेंमौन से वार्तालाप मेंतिनका तिनका रोज़ मेंरिक्तता से भर गया।
मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित