Poetry 1 min read 620.2K reads

रिक्तता


खुशियों सांझे की थीमिल कर बाँट लीदुख नितांत निजी थामेरे संग हो लिया

शब्दों के अकाल मेंमौन से वार्तालाप मेंतिनका तिनका रोज़ मेंरिक्तता से भर गया।

मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित

Read more Earn more Learn more