Poetry 1 min read 624.1K reads

रेतीला


रेतीला जीवनमिट्टी का बदनगिनती की साँसेंनश्वर तन

जीना हो तो जीमालिक न बनआता ही होगाबुलावे का निमंत्रण।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more