बेताब हैं लहरेंनाराज़ हैं लहरेंथोड़ी नहींबेहिसाब हैं लहरेंबेचैन दिल मेंउठ रहे हैं गुबारतोड़ के किनारे आजढहाने हैं रेतीलेअहसास।मं शर्मा (रज़ा)
बेताब हैं लहरेंनाराज़ हैं लहरेंथोड़ी नहींबेहिसाब हैं लहरें
बेचैन दिल मेंउठ रहे हैं गुबारतोड़ के किनारे आजढहाने हैं रेतीलेअहसास।
मं शर्मा (रज़ा)