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रेला


अलग अलग विचारों वालाअलग अलग व्यवहारों वालाएक चलता फिरता मेला हैदुनिया एक भीड़ का रेला है

घर खोवे सुख -चैन खोवेखुद को खोने का खतरा हैचार दिन के इस मेले मेंएकदिन चैन से न गुज़रा है ।

मं शर्मा( रज़ा)

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