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रामभक्त


मित्र होदास होकि भक्त होसशक्त होअनुरक्त होकि विरक्त होतुम अव्यक्त हो

मान होअभिमान होआयुष्मान होराजा रामश्री राम हैंक्योंकि तुमहनुमान हो।मं शर्मा (रज़ा)

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