राजनीति कीचड़ का दलदल
जो कर्त्तव्यभाव से आताहै
कीचड़ के कुछ छीटों को
अपने तन पर पाता है
राजनीति निर्मल गंगोत्री
मलिनचरित्र की कालिख धोती
राजनीति की डुबकी से
दागी हस्ती पावन होती
देख तमाशा राजनीति का
होगा हक्का बक्का
न साधु न कोई उचक्का
गजब चरित्र राजनीति का
मं शर्मा( रज़ा)


