नदियों की रफ्तार सेधाराओं के प्रवाह सेनदियों के तट परलहरों के सीने परजरूरतों के दबाव मेंअत्यधिक अभाव मेंनया आविष्कार हुआजीवन का निर्वाह हुआमानव का विकास हुआसभ्यताओं का उद् गार हुआ।मं शर्मा (रज़ा)
नदियों की रफ्तार सेधाराओं के प्रवाह सेनदियों के तट परलहरों के सीने परजरूरतों के दबाव मेंअत्यधिक अभाव मेंनया आविष्कार हुआजीवन का निर्वाह हुआमानव का विकास हुआसभ्यताओं का उद् गार हुआ।
मं शर्मा (रज़ा)