अपने कर्तव्यों के प्रति जो निष्ठा हैवही कर्मयोगी की मान प्रतिष्ठा हैस्वयं का तर्पण कर शांत हो जातीवैचारिक मतभेदों की समिधा है।मं शर्मा (रज़ा)
अपने कर्तव्यों के प्रति जो निष्ठा हैवही कर्मयोगी की मान प्रतिष्ठा हैस्वयं का तर्पण कर शांत हो जातीवैचारिक मतभेदों की समिधा है।
मं शर्मा (रज़ा)