विचारों का संगम है

भावों का उद् गम है

जीवन की वेदना है

मानव संवेदना है



शब्दों का संयोजन है

गीत का आयोजन है

ह्रदय का आंदोलन है

भावों का मंथन है


विचारों का अतिरेक

कविता का प्रस्फुटन है

मानव जीवन में व्याप्त

सुख दुख का सम्मेलन है।

मं शर्मा (रज़ा)