बाद पतझड़ केबहारों को आना थामन वासंती मेंखुशियों का खजाना थानफरत की खेती मेंएक गुल खिलाना थाभेजी दुआओं कासिला तो पाना था।मं शर्मा (रज़ा)
बाद पतझड़ केबहारों को आना थामन वासंती मेंखुशियों का खजाना था
नफरत की खेती मेंएक गुल खिलाना थाभेजी दुआओं कासिला तो पाना था।
मं शर्मा (रज़ा)