मौन पिघल कर पसर गयामेरे घर के आँगन मेंजाने कब कोई दस्तक होगीजीवन के प्रांगण में ।मं शर्मा( रज़ा)
मौन पिघल कर पसर गयामेरे घर के आँगन मेंजाने कब कोई दस्तक होगीजीवन के प्रांगण में ।
मं शर्मा( रज़ा)