भोर की पावन बेला मेंज्ञान किरणों के प्रकाश मेंपवित्र ओस की बूँदों सेहस्त का प्रच्छालन करकुविचारों के विसर्जन सेपूर्ण निष्ठा और समर्पण सेसंस्कारों का आचमन करविधाता का सुस्मरण कर ।मं शर्मा( रज़ा)
भोर की पावन बेला मेंज्ञान किरणों के प्रकाश मेंपवित्र ओस की बूँदों सेहस्त का प्रच्छालन कर
कुविचारों के विसर्जन सेपूर्ण निष्ठा और समर्पण सेसंस्कारों का आचमन करविधाता का सुस्मरण कर ।
मं शर्मा( रज़ा)