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पितृदिवस


हर बात पर हामी भरतेपिता ऐसे नहीं थेपर उनकी ना भी कभीबेवजह नहीं थी

सारी ख्वाहिशें पूरी करतेपिता ऐसे नहीं थेहर जरूरत जरूरी होती हैइतने भी बेखबर नहीं थे।

मं शर्मा (रज़ा)

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