हर फसाना सुना सुना सा लगाकभी उसका कभी अपना सा लगासबके हालात एक से होते होंगे शायदकभी तुझसे कभी मुझसे होते होंगे शायद।मं शर्मा (रज़ा)
हर फसाना सुना सुना सा लगाकभी उसका कभी अपना सा लगासबके हालात एक से होते होंगे शायदकभी तुझसे कभी मुझसे होते होंगे शायद।
मं शर्मा (रज़ा)