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फरियादें


फरियादें अब बहुत हुईंमुराद होना चाहता हूँबंदिशों में दम घुटने लगाआज़ाद होना चाहता हूँ

धरती पर अवरोध बहुत हैंआकाश होना चाहता हूँदृष्टि सेओझल पक्षी की सीपरवाज़ होना चाहता हूँ।

मं शर्मा( रज़ा)

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