खबर है कि धोखा हैफिर भी अनोखा हैचलो फिर खाते हैंकुछ नया करते हैंफरेब के फन कापारखी होना हैएक रोज़ उससेबड़ा फरेबी होना हैमुहब्बत का मसीहाकहता है खुद कोमुझे भी एकदिनतुझसा खुदा होना है ।मं शर्मा( रज़ा)
खबर है कि धोखा हैफिर भी अनोखा हैचलो फिर खाते हैंकुछ नया करते हैं
फरेब के फन कापारखी होना हैएक रोज़ उससेबड़ा फरेबी होना है
मुहब्बत का मसीहाकहता है खुद कोमुझे भी एकदिनतुझसा खुदा होना है ।
मं शर्मा( रज़ा)