पीछे छोड़ आए अपनों' कीनिगाहें पीछा करती हैं'उनकाकांधे पर जिम्मेदारियों कोउठा कर परवाज़ भरते हैंकम मत आंकना परिंदों कीबेबाक उड़ानों को कभीजिगर में आसमानों कोचीरने का हौसला रखते हैं।मं शर्मा( रज़ा)
पीछे छोड़ आए अपनों' कीनिगाहें पीछा करती हैं'उनकाकांधे पर जिम्मेदारियों कोउठा कर परवाज़ भरते हैं
कम मत आंकना परिंदों कीबेबाक उड़ानों को कभीजिगर में आसमानों कोचीरने का हौसला रखते हैं।
मं शर्मा( रज़ा)