नफरत की सीमा प्यार हैतम की सीमा उजियार हैयाचना की सीमा गुहार हैभक्ति की सीमा उद्धार हैपराक्रम की सीमा ललकार हैविजय की सीमा यल्गार है।मं शर्मा (रज़ा)
नफरत की सीमा प्यार हैतम की सीमा उजियार है
याचना की सीमा गुहार हैभक्ति की सीमा उद्धार है
पराक्रम की सीमा ललकार हैविजय की सीमा यल्गार है।
मं शर्मा (रज़ा)