पत्थर नहीं हूँजो ठोकरों मेंपड़ा रहूँपानी हूँपत्थरों का सीना चीररास्ता बनाता हूँ ।मं शर्मा (रज़ा)
पत्थर नहीं हूँजो ठोकरों मेंपड़ा रहूँ
पानी हूँपत्थरों का सीना चीररास्ता बनाता हूँ ।
मं शर्मा (रज़ा)