सूने हो गए गाँव सभी जबशहर की सड़क से जा मिलीआज सूनी पड़ी है पगडंडीकितनी मसरूफ रहती थीशहर की चकाचौंध शायदभोले से गाँव को भरमा गईनागिन सी काली चौड़ी सड़केंगाँव की पगडंडी निगल गईं।मं शर्मा (रज़ा)
सूने हो गए गाँव सभी जबशहर की सड़क से जा मिलीआज सूनी पड़ी है पगडंडीकितनी मसरूफ रहती थी
शहर की चकाचौंध शायदभोले से गाँव को भरमा गईनागिन सी काली चौड़ी सड़केंगाँव की पगडंडी निगल गईं।
मं शर्मा (रज़ा)