Poetry 1 min read 622.4K reads

नूतन बेला


नववर्ष की नूतन बेला मेंनव संकल्पों की गूँज रहेनव चेतना की नई उमंग सेहरेक जीवन ओतप्रोत रहे

बीते का अफ्सोस करें नानूतन का उद् घोष रहेनए लक्ष्यों की प्राप्ति कासबके मन में विचार रहे।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more