नववर्ष की नूतन बेला मेंनव संकल्पों की गूँज रहेनव चेतना की नई उमंग सेहरेक जीवन ओतप्रोत रहेबीते का अफ्सोस करें नानूतन का उद् घोष रहेनए लक्ष्यों की प्राप्ति कासबके मन में विचार रहे।मं शर्मा (रज़ा)
नववर्ष की नूतन बेला मेंनव संकल्पों की गूँज रहेनव चेतना की नई उमंग सेहरेक जीवन ओतप्रोत रहे
बीते का अफ्सोस करें नानूतन का उद् घोष रहेनए लक्ष्यों की प्राप्ति कासबके मन में विचार रहे।
मं शर्मा (रज़ा)