नम्र निवेदन है तुमसेशरण में अपनी ले लो तुमअपने कर्मों से शर्मिंदा हूँमैं अहंकारी मूढ़ नराधमतू मालिक तू जीवन दातातेरे कदमों में ही निकले दम।मं शर्मा (रज़ा)
नम्र निवेदन है तुमसेशरण में अपनी ले लो तुमअपने कर्मों से शर्मिंदा हूँमैं अहंकारी मूढ़ नराधमतू मालिक तू जीवन दातातेरे कदमों में ही निकले दम।
मं शर्मा (रज़ा)