निर्जन धरतीतपता काननसूने जीवन मेंये कैसा दिन आया हैसूखी नदियाँप्यासे कुएँयहाँ बड़े दिनों सेकोई नहीं आया है।मं शर्मा (रज़ा)
निर्जन धरतीतपता काननसूने जीवन मेंये कैसा दिन आया है
सूखी नदियाँप्यासे कुएँयहाँ बड़े दिनों सेकोई नहीं आया है।
मं शर्मा (रज़ा)