बत्तीस दांतों से घिरी हैएक कोमल सी जीभरात दिन चलती जाएबिना हिचके निर्भीक।मं शर्मा( रज़ा)
बत्तीस दांतों से घिरी हैएक कोमल सी जीभरात दिन चलती जाएबिना हिचके निर्भीक।
मं शर्मा( रज़ा)