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नीरसता


नीरसता से भरेकुछ शुष्क पलजीवन में काबिज हो रहे

आँसुओं में लिपटेकुछ भीगे से पलवक्त की बारिशों में धुल गए।

मं शर्मा (रज़ा)

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