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निरर्थक


मुरझाए हुए पत्तों कागंधहीन पुष्पों काजड़ रहित वृक्षों काजीवन निरर्थक है

क्षमाहीन बलवान काक्रोधी गुणवान कासंस्कारहीन इंसान काजीवन निरर्थक है ।

मं शर्मा (रज़ा)

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