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नयन


देखना जानूँदिखाना जानूँसोना जानूँजगना जानूँ

बिन कहे हीकहना जानूँह्रदय तकपहुँचना जानूँ

रूठना जानूँहंसना जानूंभूल से भी न समझनानयन हूँ बस रोना जानूँ।

मं शर्मा (रज़ा)

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