Poetry 1 min read 615.4K reads

नंदलाल


माखन मिश्री के कटोरेचुरा चुरा के खावैं चटोरेग्वाल बाल संग मचावैं धमालमैया को छकावैं नंदलाल।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more