Poetry 1 min read 615.7K reads

नकाब


अजब गजब सी दौड़ मची हैबस जीतने की होड़ लगी हैहर चेहरे पर नकाब चढ़ा हैविश्वास का दामन छूट रहा हैसंबंधों में सच्चाई रही नाहर रिश्ते का रंग उतर रहा है।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more