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नाजुक दौर


दगा देने वाला अपना निकल आता हैनाजुक दौर भी कुछ सिखाता हैअपनों से बनाईं हैं जबसे दूरियाँहर शख्स गुनहगार नजर आता है।

मं शर्मा (रज़ा)

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