हिमालय पुत्री हे शैलपुत्री

हे भयनाशिनी शांतिदायनी

शारदीय नवरात्रि की

हे प्रथम स्वरूपा माँ


यश कीर्ति बढ़ाने वाली

धन विद्या देने वाली

हम सब तुमको नमन करें

हे मोक्षदायिनी माँ ।


 मं शर्मा (रज़ा)