Poetry 1 min read 616.8K reads

मोक्षदायिनी


हिमालय पुत्री हे शैलपुत्रीहे भयनाशिनी शांतिदायनीशारदीय नवरात्रि कीहे प्रथम स्वरूपा माँ

यश कीर्ति बढ़ाने वालीधन विद्या देने वालीहम सब तुमको नमन करेंहे मोक्षदायिनी माँ ।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more