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मोहताज


बहुत याद किया उसनेमगर उसके मरने के बादफूट फूट कर रोया था वोमगर स्त्री के जाने के बाद

समर्पण की गहराई समझासब कुछ खो देने के बादऔलादों ने दाने दाने कोकर दिया जब मोहताज़ ।

मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित

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