जादू था इश्क का किमीठा कोई जहर थाहौले हौले जाहिर हुआरग रग में उतर गया ।मं शर्मा (रज़ा)
जादू था इश्क का किमीठा कोई जहर थाहौले हौले जाहिर हुआरग रग में उतर गया ।
मं शर्मा (रज़ा)