मौलिकता's image
Share0 Bookmarks 60973 Reads0 Likes

आँगन सिमट कर बालकनी हुए हैं

परिवार टूटकर फैमिली हुए हैं

संस्कारों की उड़ाके धज्जियाँ

आधुनिकता के पैरोकार हुए हैं


No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts