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मनुहार


ह्रदय में अनुराग रहेस्वभाव में मनुहार रहेधड़कनों के स्पंदन सेजीवन का साज़ सजे

अपनों का साथ रहेसंबंधों का सत्कार रहेभूले से भी तुझे ना भूलेंहर क्षण तेरा ध्यान रहे।

मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित

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