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मनमोहन


मनमोहन के मोह में पड़केमनवा बैरी हो गयामोहिनी सूरत वाले नेराधा का मन मोह लिया

मोह के मोह में ऐसी खोईजग की सुध रही न कोईजीवन भर ये मोह न टूटाप्रेम की धुन में ऐसी खोई

मं शर्मा (रज़ा)

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