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मनचाहा


यादें पुरानी थींदर्द नए थेदोस्तों की शक्ल मेंदुश्मन नए थे

मनचाहा खेल थाखिलाड़ी नए थेन जीते न हारेबस जूझ रहे थे।

मं शर्मा (रज़ा)

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