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माँ हूँ


माँ हूँममता लुटा रही हूँकर्त्तव्य हूँनिभा रही हूँ

वर्तमान हूँभविष्य संवार रही हूँनारी हूँसंपूर्ण हो रही हूँ।

मं शर्मा( रज़ा)

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