कभी मधुरकभी कटु हूँकभी सूक्ष्मकभी वृहद हूँहर बार मैं हीसार्थक हूँक्योंकिएक शब्द हूँमैं बुनियाद कापहला पत्थरप्रश्नों काप्रथम उत्तर हूँमेरी महिमाअपरम्पारऊँची इमारत कासूक्ष्म संदर्भ हूँ ।मं शर्मा (रज़ा)
कभी मधुरकभी कटु हूँकभी सूक्ष्मकभी वृहद हूँहर बार मैं हीसार्थक हूँक्योंकिएक शब्द हूँ
मैं बुनियाद कापहला पत्थरप्रश्नों काप्रथम उत्तर हूँमेरी महिमाअपरम्पारऊँची इमारत कासूक्ष्म संदर्भ हूँ ।
मं शर्मा (रज़ा)